Saturday, January 21, 2017

सात दिन

एक बार की बात है संत तुकाराम अपने आश्रम में बैठे हुए थे। इसी दौरान उनका एक शिष्य, जो स्वाभाव से थोड़ा क्रोधी था उनके समक्ष आया। शिष्य बोला, गुरुजी आप कैसे अपना व्यवहार इतना मधुर बनाए रहते हैं। न तो आप किसी पर क्रोध करते हो न ही किसी को भला-बुरा कहते हैं? कृपया अपने इस अच्छे व्यवहार का रहस्य बताइए। 
संत बोले: मुझे अपने रहस्य के बारे में तो नहीं पता लेकिन मैं तुम्हारे रहस्य के बारे में अवश्य जानता हूं। शिष्य विस्मय से भर गया और बोला, वह क्या है गुरु जी? शिष्य ने आश्चर्य से पूछा।”तुम अगले एक हफ्ते में मरने वाले हो!” संत तुकाराम दुखी होते हुए बोले। कोई और कहता तो शिष्य को ये बात मजाक लगती लेकिन स्वयं संत तुकाराम के मुख से निकली बात को कोई कैसे काट सकता था? शिष्य उदास हो गया और गुरु का आशीर्वाद लेकर वहां से चला गया।
उस समय से शिष्य का स्वभाव बिलकुल बदल सा गया। वह हर किसी से प्रेम से मिलता और अपने स्वभाव से उलट किसी पर क्रोध भी न करता। वह अपना ज्यादातर समय ध्यान और पूजा में बिताने लगा। वह उनके पास भी जाने लगा और प्रेमपूर्वक मिलने लगा, जिनसे उसने कभी अभद्रता की थी या गलत व्यवहार किया था। वह उनसे माफ़ी मांगता, हंसता-बोलता।  देखते-देखते संत की भविष्यवाणी को एक हफ्ता पूरा होने को आया।
इस पर शिष्य ने सोचा, चलो एक आखिरी बार गुरु जी के दर्शन कर आशीर्वाद ले लेना चाहिए। वह गुरु के समक्ष पहुंचा और बोला-गुरुजी, मेरा समय पूरा होने वाला है, कृपया मुझे आशीर्वाद दीजिये!” “मेरा आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ है पुत्र। इसके बाद गुरु जी बोले, ये बताओ कि पिछले सात दिन कैसे बीते? क्या तुम पहले की तरह ही लोगों से नाराज हुए, उन्हें अपशब्द कहे?”
शिष्य बोला, नहीं उसके पास जीन के लिए सिर्फ सात दिन थे तो वह सबसे प्रेम से मिला। इतना ही नहीं उसने जिन लोगों को दिल दुखाया था, उनसे क्षमा भी मांगी। संत तुकाराम मुस्कुराए और बोले, “बस यही तो मेरे अच्छे व्यवहार का रहस्य है। मैं जानता हूँ कि मैं कभी भी मर सकता हूँ, इसलिए मैं हर किसी से प्रेमपूर्ण व्यवहार करता हूँ, और यही मेरे अच्छे व्यवहार का रहस्य है। शिष्य समझ गया कि संत तुकाराम ने उसे जीवन का यह पाठ पढ़ाने के लिए ही मृत्यु का भय दिखाया था। 
शिक्षा : वास्तव में हमारे पास भी सात दिन ही बचें हैं :- रवि, सोम, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि। आठवां दिन तो बना ही नहीं है। आइये आज से परिवर्तन आरम्भ करें। 

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