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Aeroplane की खोज

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पौराणिक कथाओं में उड़न खटोले और विमान का जिक्र अकसर होता आया है. रामायण में जहां सीता का अपहरण करने के लिए रावण ने अपने प्राइवेट उड़न खटोले का उपयोग किया था वहीं महाभारत युगीन काल में भी हवा में उड़ने वाले वाहन प्रचलित थे. लेकिन फिर भी जब मॉडर्न युग के एरोप्लेन की बात आती है तो हम हवाई जहाज बनाने का श्रेय राइट ब्रदर्स को दे देते हैं. खुद ही सोचिए यह कितनी गलत बात है कि जिस तकनीक का आविष्कार भारत में हुआ उसके लिए अमेरिकी बंधुओं राइट ब्रदर्स को क्रेडिट दिया जाता रहा है. अब आपके मन में यह ख्याल भी आ रहा होगा कि पौराणिक काल के वायुयान और मॉडर्न एज के वायुयान की तकनीकों में जब जमीन-आसमान का अंतर है तो क्यों ना इसके लिए अमेरिकी बंधुओं को थैंक्स कहा जाए? चलिए आपकी ये दुविधा भी हम दूर करते हुए सभी भारतीयों को अपने ऊपर गर्व करने का एक मौका दिए देते हैं क्योंकि एरोप्लेन का आविष्कार अमेरिका में नहीं बल्कि भारत में हुआ था जिसे मुंबई स्थित चौपाटी से उड़ाया गया था.

रामनवमी

रामनवमी का त्यौहार चैत्र शुक्ल की नवमी मनाया जाता है। रामनवमी के दिन ही चैत्र नवरात्र की समाप्ति भी हो जाती है। हिंदु धर्म शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान श्री राम जी का जन्म हुआ था अत: इस शुभ तिथि को भक्त लोग रामनवमी के रुप में मनाते हैं। यह पर्व भारत में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करके पुण्य के भागीदार होते है।
रामनवमी का पूजन शुद्ध और सात्विक रुप से भक्तों के लिए विशष महत्व रखता है इस दिन प्रात:कल स्नान इत्यादि से निवृत हो भगवान राम का स्मरण करते हुए भक्त लोग व्रत एवं उपवास का पालन करते हैं। इस दिन राम जी का भजन एवं पूजन किया जाता है। भक्त लोग मंदिरों इत्यादि में भगवान राम जी की कथा का श्रवण एवं किर्तन किया जाता है। इसके साथ ही साथ भंडारे और प्रसाद को भक्तों के समक्ष वितरित किया जाता है। भगवान राम का संपूर्ण जीवन ही लोक कल्याण को समर्पित रहा। उनकी कथा को सुन भक्तगण भाव विभोर हो जाते हैं व प्रभू के भजनों को भजते हुए रामनवमी का पर्व मनाते हैं। हिन्दु धर्म शास्त्रो के अनुसार त्रेतायुग में रावण के अत्याचारो को समाप्त करने…

Happy Holi

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Holi Festival Celebration In Hindi भारत देश त्योहारों का देश है यहाँ भिन्न जाति के लोग भिन्न भिन्न त्यौहार को बड़े उत्साह से मनाया करते है और इन्ही त्यौहार में से एक त्यौहार है “होली”. होली की तिथी (Holi Tithi): भारत में सामान्तया त्यौहार हिंदी पंचाग के अनुसार मनाये जाते है . इस तरह होली फाल्गुन माह  की पूर्णिमा को मनाई जाती है. यह त्यौहार बसंत ऋतू के स्वागत का त्यौहार माना जाता है . होली की कहानी  व होली क्यों मनाई जाती है (Mythological Story of Holi In Hindi): हर त्यौहार की अपनी एक कहानी होती है जो धार्मिक मान्यताओ पर आधारित होती है .होली के पीछे भी एक कहानी है . एक हिरन्याक्श्यप नाम का राजा था जो खुद को सबसे अधिक बलवान समझता था इसलिए वह देवताओं से घृणा करता था  और उसे देवताओं के भगवान विष्णु  का नाम सुनना भी पसंद नहीं था लेकिन उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था . यह बात हिरन्याक्श्यप को बिलकुल पसंद नहीं थी वह कई तरह से अपने पुत्र को डराता था और भगवान विष्णु की उपासना करने से रोकता था पर प्रह्लाद एक नहीं सुनता उसे अपने भगवान की भक्ति में लीन रहता था .

इस सबसे परेशान होक…

अनाथ लड़की

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सेठ पुरुषोत्तमदास पूना की सरस्वती पाठशाला का मुआयना करने के बाद बाहर निकले तो एक लड़की ने दौड़कर उनका दामन पकड़ लिया। सेठ जी रुक गये और मुहब्बत से उसकी तरफ देखकर पूछा—क्या नाम है? लड़की ने जवाब दिया—रोहिणी। सेठ जी ने उसे गोद में उठा लिया और बोले—तुम्हें कुछ इनाम मिला? लड़की ने उनकी तरफ बच्चों जैसी गंभीरता से देखकर कहा—तुम चले जाते हो, मुझे रोना आता है, मुझे भी साथ लेते चलो। सेठजी ने हँसकर कहा—मुझे बड़ी दूर जाना है, तुम कैसे चालोगी? रोहिणी ने प्यार से उनकी गर्दन में हाथ डाल दिये और बोली—जहॉँ तुम जाओगे वहीं मैं भी चलूँगी। मैं तुम्हारी बेटी हूँगी। मदरसे के अफसर ने आगे बढ़कर कहा—इसका बाप साल भर हुआ नही रहा। मॉँ कपड़े सीती है, बड़ी मुश्किल से गुजर होती है। सेठ जी के स्वभाव में करुणा बहुत थी। यह सुनकर उनकी आँखें भर आयीं। उस भोली प्रार्थना में वह दर्द था जो पत्थर-से दिल को पिघला सकता है। बेकसी और यतीमी को इससे ज्यादा दर्दनाक ढंग से जाहिर कना नामुमकिन था। उन्होंने सोचा—इस नन्हें-से दिल में न जाने क्या अरमान होंगे। और लड़कियॉँ अपने खिलौने दिखाकर कहती होंगी, यह मेरे बाप ने दिया है। वह अपने बाप क…

मेहनती छात्र

पढ़ाई पूरी करने के बाद एक छात्र किसी बड़ी कंपनी में नौकरी पाने की चाह में इंटरव्यू देने के लिए पहुंचा....

छात्र ने बड़ी आसानी से पहला इंटरव्यू पास कर लिया...

अब फाइनल इंटरव्यू
कंपनी के डायरेक्टर को लेना था...

और डायरेक्टर को ही तय
करना था कि उस छात्र को नौकरी पर रखा जाए या नहीं...

डायरेक्टर ने छात्र का सीवी (curricular vitae) देखा और पाया कि पढ़ाई के साथ- साथ यह छात्र ईसी (extra curricular activities) में भी हमेशा अव्वल रहा...

डायरेक्टर- "क्या तुम्हें पढ़ाई के दौरान
कभी छात्रवृत्ति (scholarship) मिली...?"

छात्र- "जी नहीं..."

डायरेक्टर- "इसका मतलब स्कूल-कॉलेज की फीस तुम्हारे पिता अदा करते थे.."

छात्र- "जी हाँ , श्रीमान ।"

डायरेक्टर- "तुम्हारे पिताजी क्या काम करते है?"

छात्र- "जी वो लोगों के कपड़े धोते हैं..."

यह सुनकर कंपनी के डायरेक्टर ने कहा- "ज़रा अपने हाथ तो दिखाना..."

छात्र के हाथ रेशम की तरह मुलायम और नाज़ुक थे...

डायरेक्टर- "क्या तुमने कभी कपड़े धोने में अपने पिताजी की मदद की...?"

छात्र-…

संत स्वामी रामकृष्ण परमहंस

कहा जाता है कि संत स्वामी रामकृष्ण परमहंस को काली माता के दर्शन ब्रह्मांड की माता के रूप में हुए थे। उनके माता पिता को उनके जन्म से पहले ही आलौकिक घटनाओं का अनुभव हुआ था। संन्यास ग्रहण करने के बाद उनका नाम श्रीरामकृष्ण परमहंस हुआ। स्वामी विवेकानंद उनके परम शिष्य थे।   संत रामकृष्ण परमहंस को आध्यात्म पर चर्चा करना बहुत पसंद था। एक बार वह नागागुरु तोतापुरी के साथ बैठे थे। धूनी जल रही थी और ज्ञान पर चर्चा हो रही थी। तभी एक माली वहां से गुजरा और उसने धूनी से अपनी चिलम में भरने के लिए कुछ कोयले ले लिए। तोतापुरी जी को माली का इस तरह पवित्र धूनी छूना बुरा लगा। उन्होंने उसे अपशब्द कह दिए। माली हमेशा स्वामी जी की धूनी से कोयले लेकर चिलम भरा करता था। इस घटना पर स्वामी जी जोर-जोर से हंसने लगे। नागा गुरु ने कहा कि माली ने पवित्र अग्नि को छूकर अपवित्र कर दिया। इस पर परमहंस ने कहा कि मुझे नहीं पता था कि किसी के छूने भर से कोई वस्तु अपवित्र हो जाती है। यह सुनकर नागा गुरु ने माली से क्षमा मांगी। रामकृष्ण परमहंस को दक्षिणेश्वर में पुजारी की नौकरी मिली। 15 दिन बाद ही मंदिर कमेटी के सामने उनकी पेशी हो …

महिलाओं का आविष्कार

हमारी सभ्यता और संस्कृति में महिलाओं का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। महिलाओं ने समाज और सभ्यता को हमेशा नई दिशा दी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आइए जानते हैं ऐसी महिलाओं के बारे में जिन्होंने हमें एक से बढ़कर एक आविष्कार दिए। इनका हम आज भी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में खूब इस्तेमाल करते हैं। स्टेफनी कोलेक ने बुलेट प्रूफ जैकेट और ऑप्टिक केबल बनाने वाले पदार्थ की खोज की। यह स्टील से पांच गुना ज्यादा मजबूत होता है। हेडी लमर ने गुप्त संचार सिस्टम बनाया। इस आविष्कार का नया रूप वाई-फाई है। एलिस पार्कर ने सेंट्रल हीटिंग सिस्टम का आविष्कार किया तो मारग्रेट बिलकॉक्स ने 1893 में कार हीटर का डिजाइन तैयार किया। इतिहासकार मानते हैं कि बीयर की खोज एक मेसोपोटामियन महिला द्वारा की गई थी। वहीं, मारग्रेट नाइटबुड ने 1868 में ऐसी मशीन बनाई, जो पेपर को मोड़कर पेपर बैग बना सकती थी। नैंसी जॉनसन नामक महिला ने आइसक्रीम फ्रीजर की खोज की। रूथ बेकफील्ड ने कुकीज का आविष्कार किया। जोसेफिन कोकरेन ने 1886 डिशवाशर बनाया।